Tuesday, March 16, 2010

Can't resist to post this one

Wonderful stuff to start with, found it on buzz. Anyone looking for more absurd talk can leave ;).

मैं और वों
वहां धूप बहुत तेज थी और छाता भी नहीं
सूअर के बच्चे तेज धूप का मजा लेते दूर दूर तक
धूप ही धूप और छाता भी नहीं और सूअर
के बच्चे मुझे बहुत अच्छा लगा अब शाम
हो चुकी थी अब ना सूअर के बच्चे थे और ना ही तेज धूप और ना ही वों
पर अब मेरे पास छाता था
पर अब क्या ...............अब सिर्फ मैं ही था
चारो और सिर्फ मैं ही मैं

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